ग्लेन मैक्सवेल ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड; ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज 2-1 से जीती!

ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच 16 सितम्बर को तीन वनडे मैचों की सीरीज का निर्णायक मैच खेला गया।  निर्णायक मैच ऑस्ट्रेलिया ने 2  गेंद शेष रहते ही जीत लिया और मैच के साथ साथ सीरीज पर भी अपना कब्ज़ा जमा लिया।  ख़ास बात ये है कि मैच और सीरीज जीतने के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने दो रिकार्ड भी अपने नाम किया।  

रिकार्ड से पहले एक नजर मैच की हाइलाइट्स पर  डाल  लेते हैं।  इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया को 302  रन का लक्ष्य दिया।  जवाबी पारी में ऑस्ट्रेलिया ने 2 गेंदे शेष रहते ही ये लक्ष्य पूरा कर लिया।  गत मैचों की तरह ऑस्ट्रेलिया की शुरुवात काफी धीमी और औसत रही।  ऑस्ट्रेलिया ने मात्र 73  रन पर अपने पांच विकेट गवा दिए।  आधी टीम के पवेलियन लोट जाने पर ऐसा लग रहा था कि ऑस्ट्रेलिया अपनी हार का सिलसिला बरकरार रखने वाली है।  

परन्तु उसके बाद केरी और मैक्सवेल ने कमान संभाली और टीम को जीत की तरफ खींच कर ले गए।  केरी और मैक्सवेल ने छठे विकेट की आज तक के इतहास की सब से बड़ी पारी खेली और टीम के लिए 214  रन जोड़े।  केरी ने 114  गेंदों में 106  रन की पारी खेली और दूसरी तरफ मैक्सवेल ने भी शतक जड़ते हुए मात्र 90  गेंदों में 108  रन ठोके।  

आखिरी दो ओवर में टीम को जीतने के लिए 14  रन चाहिए थे और केरी ने आखिर में अपनी विकेट गवा दी।  केरी के आउट होते ही टीम में एक बार फिर से निराशा देखने को मिली।  केरी जब आउट हुए तब टीम को सात गेंदों में 10  रन की जरुरत थी।   स्टार्क ने केरी की जगह क्रीज़ पर ली और   मैक्सवेल नॉन-स्ट्राइकर एन्ड पर थे।  ऐसे में मैक्सवेल ने उन्हें सिंगल लेने को बोला परन्तु स्टार्क ने पहली गेंद पर ही छक्का जड़ दिया।  उसके बाद केरी ने दो सिंगल लिए और एक शानदार चौक्का लगाकर टीम को दो गेंद शेष रहते ही जीत दिलाई।  

मैच जीतने के साथ ऑस्ट्रेलिया ने पहली बार इंग्लैंड को उनकी ही धरती पर वनडे सीरीज हराने का रिकॉर्ड बनाया।  इसके साथ ही जिस रिकॉर्ड की चर्चा सब से ज्यादा हो रही वो मैक्सवेल ने बनाया।  मैक्सवेल दुनिया के सब से तेज 3000  रन बनाने वाले खिलाड़ी बन चुके हैं।  मैक्सवेल ने ये कारनामा मात्र 2440  गेंदों में कर दिखाया है।  इस से पहले ये रिकॉर्ड जोस बटलर के नाम था जिन्होंने 2532  गेंद खेलकर सब से तेज तीन हजार रन पुरे किया थे।   इसके साथ ही मैनचेस्टर की भूमि पर  बनाया गया ये सर्वाधिक स्कोर भी था।  आज तक इंग्लैंड की धरती पर किसी टीम ने इतना विशाल स्कोर नहीं बनाया।  इस से पहले 1986  में इंग्लैंड ने 60  ओवर में नूज़ीलैण्ड के खिलाफ 286  रन बनाये थे।  

मैक्सवेल की इस पारी का फायदा उनकी वनडे रैंकिंग में भी हुआ है।  मैक्सवेल ने पुनः इस वर्ष आईसीसी वनडे रैंकिंग में टॉप दस में अपनी जगह बना ली है।  तीन मैचों की सीरीज खतम होते ही मैक्सवेल को यूएई  के लिए रवाना होना है।  आईपीएल में वो केसा प्रदर्शन करते हैं ये देखना काफी दिलचस्प होगा।  

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Source : http://www.cricketkumbh.com/glenn-maxwell-created-world-record/

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